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Saturday, May 9, 2009
तेरे साथ कुछ और ...
तेरे भरोसे पे जां लुटाने को जी करता है
हर नाजो से पाला तूने ही था
हर मुश्किलों में संभाला तू ही थी
तेरे लिए एक और गीत गाने को जी करता है
तेरे लिए एक और आंसू सीने को जी करता है
सबकी आहो और दुर्रहो को तुने ही सहा था
हर उस पल में तेरे लिए एक और अरमा सीचा था
हर उस पल में तेरी शक्ति से ही प्रेरित था
बाटू में हर वो प्यार जो तुझसे मैंने सिखा था
सबको सिख्लाऊ सहन शक्ति और श्रमा जो तेरा जीवन था
तुझको ही देखा, धरती माँ के लिए
तुझको ही माना, किसी प्यार के लिए
तुझको ही नमन, राह दर्शित मेरे लिए
तुझसे ही आशाएं, सपने कुछ तेरे लिए
तेरे साथ फ़िर वो बचपन खेलने को जी करता है
तेरे साथ कुछ और पल जीने को जी करता है
हर नाजो से पाला तूने ही था
हर मुश्किलों में संभाला तू ही थी
तेरे लिए एक और गीत गाने को जी करता है
तेरे लिए एक और आंसू सीने को जी करता है
सबकी आहो और दुर्रहो को तुने ही सहा था
हर उस पल में तेरे लिए एक और अरमा सीचा था
हर उस पल में तेरी शक्ति से ही प्रेरित था
बाटू में हर वो प्यार जो तुझसे मैंने सिखा था
सबको सिख्लाऊ सहन शक्ति और श्रमा जो तेरा जीवन था
तुझको ही देखा, धरती माँ के लिए
तुझको ही माना, किसी प्यार के लिए
तुझको ही नमन, राह दर्शित मेरे लिए
तुझसे ही आशाएं, सपने कुछ तेरे लिए
तेरे साथ फ़िर वो बचपन खेलने को जी करता है
तेरे साथ कुछ और पल जीने को जी करता है
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Thursday, March 5, 2009
दूर कहीं
आख के ख्वाब आखों में ही सजे
दिल के अरमान दिल में ही उडे
आंचल देदे माँ, सब भूल जाऊ मैं
गोदी में जगह दे फ़िर से माँ
प्यार के सारे ख्वाब, उड़ने की सारी चाहतें..
तुझ में ही शांत करदे सारे
किसी से कोई शिक्वाह नही माँ, बस तेरे दामन की राहत हो
किसी गुनाह के जहनुम की परवाह नही माँ, बस तेरा हाथ मेरे सर पे हो
ले चल उसी बचपन में माँ, तेरे साथ हर पल जो बिताया
माँ मुझको सामा ले, ले चल वोही बीतें कल में, जिसमें हर वक्त तेरा ही नाम था
जीने की चाहतो से, लोगो की बातों से, अपने अरमानो से और इस जहाँ के मालिक से, .... दूर कहीं
दिल के अरमान दिल में ही उडे
आंचल देदे माँ, सब भूल जाऊ मैं
गोदी में जगह दे फ़िर से माँ
प्यार के सारे ख्वाब, उड़ने की सारी चाहतें..
तुझ में ही शांत करदे सारे
किसी से कोई शिक्वाह नही माँ, बस तेरे दामन की राहत होकिसी गुनाह के जहनुम की परवाह नही माँ, बस तेरा हाथ मेरे सर पे हो
ले चल उसी बचपन में माँ, तेरे साथ हर पल जो बिताया
माँ मुझको सामा ले, ले चल वोही बीतें कल में, जिसमें हर वक्त तेरा ही नाम था
जीने की चाहतो से, लोगो की बातों से, अपने अरमानो से और इस जहाँ के मालिक से, .... दूर कहीं
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Sunday, January 18, 2009
एक मैं …
तेरे आसुयें तेरे द्वारे घायल निर्दोषी
तेरे गुस्सा तेरी धुल भरी दुपहरी
तेरे मीठी बोली तेरे आंच-पके फल
तेरे आंचल की आड़ तेरे पेडो की छाव
तेरे पूजा की थाली तेरे पत्तो से हुआ आशीर्वाद
तेरा नम हाथ तेरे बरसात में नम हर प्राणी
तेरा झूलन तेरा झोके-दार पश्चिमी-हवा
एक मेरी माँ, एक मेरी धरती माँ, एक मैं
तेरे गुस्सा तेरी धुल भरी दुपहरी
तेरे मीठी बोली तेरे आंच-पके फल
तेरे आंचल की आड़ तेरे पेडो की छाव
तेरे पूजा की थाली तेरे पत्तो से हुआ आशीर्वाद
तेरा नम हाथ तेरे बरसात में नम हर प्राणी
तेरा झूलन तेरा झोके-दार पश्चिमी-हवा
एक मेरी माँ, एक मेरी धरती माँ, एक मैं
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Saturday, January 10, 2009
ना तो कारवां की तलाश है, अब ना हमसफ़र की तलाश है
ना तो कारवां की ना तो दर्ये की तलाश है, अब ना हमसफ़र की तलाश है
इस बद-मीजिये दुनिया के शौकों से डर-किए मुरादों की आवाज़ है
ना तो तेरे परवाइश-किए रज़ा की परवा है, न तेरे मजबूरी पे सवा है
इस आप-अक्लिये बंधों के साजो से मर-दिए ख्वैशो की आखरी आवाज़-ऐ-सवा है
ना तो जाम की ना तो प्याले की तलाश है, ना बिखरे तिनकों की तलाश है
इस सोच की हालत को आसमानी ज़मीनी लायी दिल को दारो में पकी अक्ली दर्काश है
ना तो कारवां की ना तो दर्ये की तलाश है, अब तो बस एक सफर की तलाश है
इस बद-मीजिये दुनिया के शौकों से डर-किए मुरादों की आवाज़ है
ना तो तेरे परवाइश-किए रज़ा की परवा है, न तेरे मजबूरी पे सवा है
इस आप-अक्लिये बंधों के साजो से मर-दिए ख्वैशो की आखरी आवाज़-ऐ-सवा है
ना तो जाम की ना तो प्याले की तलाश है, ना बिखरे तिनकों की तलाश है
इस सोच की हालत को आसमानी ज़मीनी लायी दिल को दारो में पकी अक्ली दर्काश है
ना तो कारवां की ना तो दर्ये की तलाश है, अब तो बस एक सफर की तलाश है
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Thursday, January 8, 2009
आओ मिलके गाये ऐसा गाना
आओ मिलके गाये ऐसा गाना जिसमें खुशी और प्यार की बात हो
…. सरगम एक सुबह की …
ऐसी एक सुबह हो, जिसमें हवा एक श्रोत हो, सूरज की ताप एक ज्योत हो
पंछियों की बोलियों में कर्म-कर्त्वायता का गीत हो
मुस्कराती आंखों से देखो हर वो पल एक प्यार का साथ हो
.....................................
आओ मिलके गाये ऐसा गाना जिसमें खुशी और प्यार की बात हो
…. सरगम एक कली की …
ऐसी एक कली हो जिसकी खुशबू सबको मिले, श्रृंगार का ना, मिसरी में लिपटी आवाज़ हो
ऐसा मन हो छोटो को प्यारा संदेश सुनाये, बडों को समझे वो अंदाज़ हो
ऐसी ही कली जो खुशबू लुटा देयता का सीख बाटे, सही प्रगीती की उसमें आगाज़ हो
ऐसी ही सच्ची प्यार की बात हो और उसके गीत सजे, ना कोई बंधन ना कोई दरवाज़ हो
आओ मिलके गाये ऐसा गाना जिसमें खुशी और प्यार की बात हो …
…. सरगम एक सुबह की …
ऐसी एक सुबह हो, जिसमें हवा एक श्रोत हो, सूरज की ताप एक ज्योत हो
पंछियों की बोलियों में कर्म-कर्त्वायता का गीत हो
मुस्कराती आंखों से देखो हर वो पल एक प्यार का साथ हो
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आओ मिलके गाये ऐसा गाना जिसमें खुशी और प्यार की बात हो
…. सरगम एक कली की …
ऐसी एक कली हो जिसकी खुशबू सबको मिले, श्रृंगार का ना, मिसरी में लिपटी आवाज़ हो
ऐसा मन हो छोटो को प्यारा संदेश सुनाये, बडों को समझे वो अंदाज़ हो
ऐसी ही कली जो खुशबू लुटा देयता का सीख बाटे, सही प्रगीती की उसमें आगाज़ हो
ऐसी ही सच्ची प्यार की बात हो और उसके गीत सजे, ना कोई बंधन ना कोई दरवाज़ हो
आओ मिलके गाये ऐसा गाना जिसमें खुशी और प्यार की बात हो …
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Sunday, January 4, 2009
पास हो ...
सूरज की और एक आंख , एक हाथ तेरे साथ
प्यारा हो सुबह की वो गर्मी ना कोई बादल का हाथ
धीमी हो वो हवा ना हो कोई रुका घुटन सा दीवार
गीतों की हो वो बोल जिनमें गाये सारा समां
बरसे पास कोई झील, जैसे नाचे मेरे साथ
कोई पतंग जो मुझे झुआये हौले हौले
घास हो कोई नर्म जैसे सुस्राए कोई माँ
ओस हो कोई छोटा सा करदे मुझे शीतल
पास हो मेरी माँ कहे “aaye adeekey”
Feelings are not made with word structure, but are made in moments of love.
Love is not made with you, but with you in my heart.
You can’t see heart, but you can always see it through my heart.
My eyes won’t see you, but I am always there in the park, looking for you, because you are also and always there, not just for me, but with me, Miss you Maa…
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प्यारी दीदी
तेरे धरो का बखान अब मेरी जुबानी
तेरी मुराद की कोशिश अब मेरी कलामी
गुस्से से हो जाए वो लाल-पीली
पीली कहके सतायु है वो एक पगली
पत्थरों के मायने पर हर रिश्तो को संभाली
उची है उसकी हर ललकार पर हर जबान खरी
तूने ही सीचा मेरे फूल का हर ताना
हर बेरहमी दुपहरी में छाया था तेरा घाना
इस छाए को एक साया का साथ मिला है
ता-उम्र रहेगा साथ एक सिलसिला है
महके फूल से कभी तेरा भी आँगन
छाए से फूल का आलिंगन हो नया जनम
तेरी मुराद की कोशिश अब मेरी कलामी
गुस्से से हो जाए वो लाल-पीली
पीली कहके सतायु है वो एक पगली
पत्थरों के मायने पर हर रिश्तो को संभाली
उची है उसकी हर ललकार पर हर जबान खरी
तूने ही सीचा मेरे फूल का हर ताना
हर बेरहमी दुपहरी में छाया था तेरा घाना
इस छाए को एक साया का साथ मिला है
ता-उम्र रहेगा साथ एक सिलसिला है
महके फूल से कभी तेरा भी आँगन
छाए से फूल का आलिंगन हो नया जनम
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